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"अदीश्वर जिनरायनो, गणधर गुणवंत; प्रगट नाम पुंडरीक जास, महिमाए महंत।" palitana 5 chaityavandan in hindi full
अंतिम वंदना शिखर पर स्थित मुख्य मंदिर में मूलनायक भगवान आदिनाथ के चरणों में की जाती है। प्रगट नाम पुंडरीक जास
सिद्धाणं बुद्धाणं मुक्ताणं, लोयस्स उज्जोयगाराणं। जिणाणं जिनवराणं, वंदामि गुणाणं आलयाणं।। परम शांतिनो वास
शीतल छाया रायण तणी, परम शांतिनो वास;जिहां बेसी प्रभु ध्यान धरे, प्रकटे दिव्य प्रकाश।प्रथम जिनेश्वर ऋषभदेव, पादपद्म ज्यां स्थाप्या;नवाणु वारना फेरमां, प्रभुये दर्शन आप्या।
गहन अध्ययन: कुछ आगमों के अनुसार, ये पाँच चैत्यवंदन (च्यवन, जन्म, दीक्षा, केवलज्ञान, मोक्ष) के प्रतीक हैं।
सकल-कुशल-वल्ली (खमासमण): प्रभु को नमन। चैत्यवंदन सूत्र: जं किंचि